प्रकृति और मृत्यु
ऋतुवे कोई भी हो सुबह उगते सूरज की लालिमा देखते बनती है,कभी - कभी तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे हम स्वर्ग के वासी हो,और है भी अगर दुनिया में बेहद बुद्धिमान कहे जाने वाले प्राणी (मनुष्य) द्वारा कोई चिंता का विषय ना पैदा किया जाय तो। सूरज स्वयं ही हमारे जीवन को परिभाषित करता है बस हमे समझने की जरूरत है। अब चाहे जीवन की बात की जाय या जीवन व्यतीत करने की या फिर मृत्यु की ही क्यों ना की जाय, सब सूरज के उगने से अस्त होने तक से सीखा जा सकता है। सूरज का उगना हमारे जन्म को, सूरज का तेज हमारे कठिन परिश्रम को,सूरज का बादल से ढक जाना हमारे कठिन परिस्थितियों को,शाम की लालिमा हमारे सफलता को,और आखिरी में डूब जाना हमारी मृत्यु को दर्शाता है। ...